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आयात-निर्यात को लेकर उद्योगपतियों एवं अधिकारियों में विचार-विमर्श

बिलासपुर :—  विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) नागपुर द्वारा बिलासपुर जिले में निर्यात को बढ़ावा देने और निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए जिला पंचायत के सभाकक्ष में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन जिला प्रशासन और जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सीईओ जिला पंचायत श्री अजय अग्रवाल, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र महाप्रबंधक श्री एम एल कुसरे, बैंक ऑफ महाराष्ट्र के पदाधिकारी, इंडिया पोस्ट के अधिकारी, डीजीएफटी नागपुर के अधिकारी उपस्थित थे।

 

एक दिवसीय कार्यशाला में जिले के विभिन्न व्यापारी, उद्योग स्वामी तथा स्वयं सहायता समुह के महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया तथा निर्यात संबंधी अपने अनुभव साझा किया। डीजीएफटी के टीम द्वारा निर्यात कैसे करे, फायनेंस का भाग, आईईसी का पंजीकरण तथा डीजीएफटी के स्कीम का लाभ लेने के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। साथ ही जिले को एक्सपोर्ट हब बनाने के लिए आवश्यक सुझाव एवं जानकारी प्रदान की गई। डीजीएफटी के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि निर्यात को प्रोत्साहित करने हेतु छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। महाप्रबंधक श्री एम एल कुसरे ने बताया कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत मेक इन इंडिया एवं वोकल फॉर लोकल के लक्ष्य को हासिल करने के उद्देश्य से इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस कार्यशाला से जिले में एक्सपोर्ट इकोसिस्टम डेवलप करने में सहयोग मिलेगा। बिलासपुर में वर्तमान में ब्लैक डायमंड मोटर्स का उत्पाद ट्रेलर बॉडी और कृष्णा स्पेशलिटी कैमिकल का कैमिकल प्रत्यक्ष रूप से निर्यात में सम्मिलत है। जिले में ऐसे अन्य और भी उद्योग है जिनमें निर्यात की क्षमता है लेकिन जानकारी के अभाव में वे निर्यात की प्रक्रिया से दूर है। उन्होंने कहा कि जिले को निर्यात केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए हमें अन्य उद्योगों और उत्पादों को चयनित कर निर्यातक बनाना होगा, जिससे हम अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बिलासपुर की उपस्थिति सुनिश्चित करेंगे।

राजेन्द्र कश्यप

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