बिलासपुर 25 दिसम्बर 2025 को कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क बिलासपुर में राष्ट्रीय सेवा रत्न सम्मान एवं राष्ट्रीय प्रतिष्ठा पुरस्कार प्राप्त समिति- छत्तीसगढ़ कलमकार मंच मस्तूरी के तत्वावधान में पुस्तक विमोचन, काव्य-गोष्ठी एवं साहित्यकारों के सम्मान समारोह का सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन किया गया। सर्वप्रथम कलमकारों की टीम द्वारा कानन पेंडारी जंगल सफारी का भ्रमण किया गया।
प्राकृतिक सुषमा से परिपूर्ण कानन में सेड के नीचे जहॉं पर्याप्त संख्या में कुर्सियाँ लगी हुई थीं, वहाँ पर काव्य-गोष्ठी, पुस्तक विमोचन और सम्मान समारोह का कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम के उद्घोषक की कमान सम्हालते हुए नवागढ़-बेमेतरा से पधारे विख्यात गायक- कवि जुगेश बंजारे धीरज द्वारा सर्वप्रथम बिलासपुर, बेमेतरा, मुंगेली, जांजगीर इत्यादि जिलों से पधारे हुए कलमकारों का पुष्प माला पहनाकर स्वागत किया गया। तत्पश्चात सभी कलमकारों एवं दर्शकगणों को ससम्मान भारतीय संविधान की प्रस्तावना का वाचन कराया गया। तत्पश्चात ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित दिवंगत कवि श्री विनोद कुमार शुक्ल को दो मिनट मौन रहकर विनम्र श्रद्धांजलि दी गई।
इसके पश्चात करतल ध्वनि के बीच सात पुस्तकों का विमोचन किया गया। सर्वप्रथम डॉ. किशन टण्डन क्रान्ति द्वारा सम्पादित एवं श्री सुरजीत द्वारा संकलित पुस्तक- “उजाला” राष्ट्रीय साझा काव्य संग्रह का विमोचन हुआ। इस पुस्तक में 55 कलमकारों के जीवन परिचय एवं उनकी श्रेष्ठ रचनाओं का संकलन हैं। तत्पश्चात डॉ. किशन की 5 सतनाम ग्रन्थों क्रमशः 69वीं कृति- सतनाम सार, 70वीं कृति – सतनाम रहस्यवाद, 71वीं कृति- सतनाम धर्म-संस्कृति, 72वीं कृति- सतनाम अमृतवाणी, 73वीं – सतनामधर्मियों की ऐतिहासिकता का विमोचन किया गया। तत्पश्चात डॉ. गुलाबचन्द ‘कुसुम’ की कृति- बिखरे मोती का लोकार्पण सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम को गति देते हुए छत्तीसगढ़ कलमकार मंच के संस्थापक-अध्यक्ष डॉ. किशन टण्डन क्रान्ति ने उपस्थित कलमकारों का अभिनन्दन करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों पर सारगर्भित प्रकाश डाला। उन्होंने साझा संकलन में शामिल कलमकारों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कलमकार मंच के तत्वावधान में आज 7 पुस्तकों का विमोचन सम्पन्न हुआ है, जो अत्यन्त हर्ष का विषय है। इसे मिलाकर मंच के बेनर तले विमोचित पुस्तकों की संख्या 73 हो गई है, जो किसी भी साहित्यिक समिति द्वारा साढ़े तीन वर्ष के अन्दर विमोचित पुस्तकों के मामले में एक नया कीर्तिमान है।
इसके अलावा आज 55 साहित्यकारों को “साहित्य उजाला सम्मान 2026” का सम्मानपत्र, मेडल एवं पुस्तक प्रदान किये । इसे मिलाकर छत्तीसगढ़ कलमकार मंच द्वारा सम्मानित होने वाले कलमकारों की संख्या 1326 हो गई है। यह हमारे लिए अत्यन्त गौरव का विषय है।
इसके पश्चात उपस्थित कवियों द्वारा अपनी मनभावन रचनाओं की प्रस्तुति दी गई। मंच तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। कानन पेंडारी के भ्रमण में आए लोग राह से गुजरते समय काव्य पाठ के दौरान वहाँ रुककर आनन्द लेते रहे। बारी-बारी से काव्य पाठ पूर्ण होने पर साहित्यकारों को मेडल पहनाकर सम्मानपत्र एवं पुस्तकें प्रदान की गईं।
कार्यक्रम के दौरान बिलासपुर, बेमेतरा सहित 5 जिलों के साहित्यकार उपस्थित रहे। इनमें उपाध्यक्ष जुगेश बंजारे धीरज, डॉ. गुलाबचंद कुसुम, मोहन सत्ऋषु, गजलकार प्रेमदास ‘प्रेम’, सचिव नवीन कुमार कुर्रे, सुरजीत क्रान्ति, चतुर सिंह चंचल, रमेश कुमार रसिय्यार, चैतराम टण्डन, देवप्रसाद पात्रे, श्रीमती रंजना टण्डन, श्रीमती शिवानी कुर्रे इत्यादि साहित्यकार शामिल रहे। कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन जुगेश बंजारे धीरज द्वारा किया गया। अन्त में आभार प्रदर्शन पश्चात कार्यक्रम समापन की घोषणा की।