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नई सोच और तकनीक ने बनाया सफल किसान, अब लहलहा रही है खुशहाली सरकारी योजना का सही उपयोग, खेती बनी फायदे का सौदा

बिलासपुर :— तखतपुर विकासखण्ड के ग्राम बहतराई के किसान हार्दिक कश्यप ने यह साबित कर दिया है कि अगर किसान नई तकनीक अपनाने का साहस करे तो कम जमीन में भी अच्छी आमदनी हासिल की जा सकती है। पहले वे पारंपरिक तरीके से बैंगन की खेती करते थे, लेकिन मृदा जनित रोगों और कीटों के कारण उनकी फसल बार-बार खराब हो जाती थी, जिससे उन्हें मेहनत के अनुसार लाभ नहीं मिल पाता था और खेती में अनिश्चितता बनी रहती थी।
इसी दौरान उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने उन्हें राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के बारे में जानकारी दी। हार्दिक कश्यप ने इस अवसर को पहचाना और ग्राफ्टेड बैंगन की खेती अपनाने का निर्णय लिया। योजना के तहत उन्हें उन्नत पौधे, खाद एवं दवाओं पर अनुदान और आधुनिक खेती की पूरी तकनीकी जानकारी दी गई। उन्होंने नई तकनीक के अनुसार खेती की शुरुआत की और धीरे-धीरे परिणाम सामने आने लगे। आज उनके खेत में बैंगन की फसल लहलहा रही है। मात्र 0.400 हेक्टेयर भूमि में उन्होंने लगभग 250 से 270 क्विंटल उत्पादन प्राप्त किया है। जहां पहले उनकी आय सीमित थी, वहीं अब वे 2.50 से 3 लाख रुपये तक की आय प्राप्त कर रहे हैं। यह बदलाव न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना रहा है, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी बढ़ा रहा है।
किसान हार्दिक कश्यप का मानना है कि खेती में बदलाव और नई तकनीकों को अपनाना ही सफलता की कुंजी है। वे अन्य किसानों से भी अपील करते हैं कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर आधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ाएं। उनकी यह सफलता की कहानी क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है और यह संदेश दे रही है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से खेती को लाभ का सौदा बनाया जा सकता है।

राजेन्द्र कश्यप

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