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पेंशनरों की हुंकार : “दोहरी नीति बंद करो, पेंशनरों को उनका अधिकार दो” भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ की प्रथम प्रांतीय कार्यसमिति बैठक में 17 महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित सितंबर 2026 में बिलासपुर में होगी अगली प्रांतीय बैठक

बिलासपुर/रायपुर :— 20 मई 2026 भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ की प्रथम प्रांतीय कार्यसमिति की भव्य बैठक बुधवार 20 मई 2026 को मधुपिल्ले चौक, शांतिनगर स्थित विमतारा भवन रायपुर में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेशभर के जिला अध्यक्ष, संभागीय अध्यक्ष, प्रांतीय एवं राष्ट्रीय पदाधिकारी तथा कार्यसमिति सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

बैठक में बिलासपुर जिले से राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य श्रीमती कुंती राणा, प्रदेश उपाध्यक्ष जे.पी. शुक्ला, प्रदेश मंत्री सुश्री सुजाता मुखर्जी, जिला अध्यक्ष राकेश जैन तथा संभागीय अध्यक्ष राजेन्द्र कश्यप प्रतिनिधि के रुप में शामिल हुए।

कार्यक्रम का शुभारंभ महासंघ के संरक्षक एवं आजीवन सदस्य, पूर्व बीजापुर कलेक्टर सेवानिवृत्त आईएएस अनुराग पाण्डेय द्वारा भारतमाता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ में राष्ट्रवादी विचारधारा के साथ कार्य करने वाला एक सशक्त संगठन बन चुका है, जिसने ईमानदारी, अनुशासन एवं निष्ठा के आधार पर अलग पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का पेंशनर समाज महासंघ के नेतृत्व पर भरोसा कर रहा है क्योंकि यही संगठन पेंशनरों की समस्याओं के समाधान हेतु संघर्ष करने की क्षमता रखता है।

प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने महासंघ की सदस्य संख्या देश के अन्य राज्यों की तुलना में सर्वाधिक होने पर सभी पदाधिकारियों को बधाई देते हुए संगठन की भावी कार्ययोजना पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने 3 अगस्त स्थापना दिवस एवं 17 दिसंबर राष्ट्रीय पेंशनर दिवस को पूरे उत्साह और गरिमा के साथ मनाने का आहदान किया।

बैठक में बिलासपुर जिला अध्यक्ष राकेश जैन ने आगामी प्रांतीय कार्यसमिति बैठक सितंबर 2026 में बिलासपुर में आयोजित करने की सहमति प्रदान की, जिसका उपस्थित सदस्यों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ स्वागत किया।

कार्यसमिति की बैठक में महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष द्रौपदी यादव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बी. के. वर्मा, कार्यकारी प्रांताध्यक्ष जे.पी. मिश्रा, डॉ. महेश चंद्र शर्मा, एन. के. चौबे, एडवोकेट पूरनसिंह, एस.सी. श्रीवास्तव, पी.आर. साहू, अनिल पाठक, राजेंद्र कश्यप, गुरुचरण सिंह, अवधराम धृतलहरे सहित अनेक पदाधिकारियों ने पेंशनर्स हितों एवं संगठन विस्तार को लेकर अपने विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम का संचालन प्रांतीय महामंत्री प्रवीण कुमार त्रिवेदी ने किया। संगठन मंत्री टी.पी. सिंह ने संगठन गीत का सामूहिक गायन कराया तथा जिला बैठकों की शुरुआत भारतमाता आराधना गीत से करने का आग्रह किया। अंत में महासंघ के 13 दिवंगत पदाधिकारियों एवं सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखा गया तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

बैठक में पारित प्रमुख प्रस्ताव

बैठक में पेंशनरों की लंबित मांगों एवं समस्याओं पर विस्तृत चर्चा के बाद 17 महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इनमें प्रमुख रुप से

  • 1 जनवरी 2026 से 2% महंगाई राहत (डीआर) प्रदान करना
  • पेंशन मामलों में दोहरी नीति समापत करना
  • 88 माह के लंबित डीआर एरियर का भुगतान
  • धारा 49(6) की बाध्यता समापत करना
  • कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करना
  • दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की संपूर्ण सेवा को
  • पेंशन गणना में शामिल करना
  • छठवें एवं सातवें वेतनमान के लंबित एरियर का भुगतान
  • 65 वर्ष की आयु से अतिरिक्त पेंशन वृद्धि
  • वरिष्ठ नागरिकों को बस यात्रा में रियायत
  • पृथक पेंशन सुविधा केंन्द्र एवं जिला स्तर पर पेंशन कार्यालय की स्थापना
  • कम्युटेशन वसूली अवधि घटाना
  • सेवानिवृत्ति के दिन सभी भुगतान सुनिश्ति करना
  • आधिक्य वसूली पर रोक
  • वरिष्ठ नागरिक कल्याण मंडल का गठन
  • पेंशनरों के निधन पर परिजनों को 25 हजार रुपये की
  • एग्रेसिया सहायता राशि प्रदान करना

महासंघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि पेंशनरों की न्यायोचित मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति बनाई गई।

राजेन्द्र कश्यप

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