बिलासपुर :— छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय मे दिनांक 29/06/2026 को माननीय न्यायमूर्ति रजनी दुबे के सेवानिवृत्ति के अवसर पर उनके सम्मान में विदाई कार्यक्रम का आयोजन माननीय श्री मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा के न्यायालय कक्ष में अपराह्न 03:30 बजे संपन्न हुआ।
इस अवसर पर माननीय न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में माननीय न्यायमूर्ति रजनी दुबे के समग्र जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके विधिक ज्ञान, निष्पक्षता एवं प्रशासनिक दक्षता की सराहना एवं उनके योगदान की प्रशंसा करते हुए उनके भावी जीवन हेतु शुभकामनाएँ प्रेषित की। माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय ने अभिव्यक्त किया कि न्यायमूर्ति श्रीमती रजनी दुबे ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रत्येक मामले को अत्यंत धैर्य और निष्पक्षता के साथ सुना साथ ही न्यायमूर्ति दुबे ने बार (Bar) और बेंच (Bench) के साथ सौहार्दपूर्ण और सम्मानित संबंध बनाए रखा। उनके शांत स्वभाव, आचरण और न्यायनिर्णयन के संतुलित दृष्टिकोण ने उन्हें सभी का प्रिय बना दिया। उनकी विनम्रता और शालीनता ने न्यायपालिका की गरिमा को सदैव बढाया और वे अपनी स्पष्टता, संतुलित दृष्टिकोण तथा विधि के शासन के प्रति सम्मान के लिए प्रसिद्ध रहीं।
अपने सम्पूर्ण न्यायिक जीवन में न्यायमूर्ति रजनी दुबे ने अद्भुत बुद्धिमत्ता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया, उनका दृष्टिकोण न केवल कानून की गहरी समझ को दर्शाता था, बल्कि न्याय के मानवीय पहलुओं के प्रति उनकी सूक्ष्म जागरूकता को भी प्रकट करता था। उनका आचरण युवा न्यायिक अधिकारियों के लिए प्रेरणास्रोत है। अपने कार्यकाल में श्रीमती न्यायमूर्ति रजनी दुबे ने विधि के विभिन्न क्षेत्रों में अनेक उल्लेखनीय निर्णय दिए। इस दौरान उन्होंने एकल पीठ में 537 तथा खंडपीठ में 151 प्रकाशित निर्णय सहित कुल 18,775 से अधिक मामलों का सफलतापूर्वक निराकरण किया। यह संख्या उनके विशाल योगदान को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि उनके निर्णय निष्पक्षता, संवैधानिक नैतिकता और कानून के शासन में निहित न्यायिक दर्शन को दर्शाते हैं।
माननीय न्यायमूर्ति रजनी दुबे ने अपने उद्बोधन में ईश्वर, माननीय माननीय मुख्य न्यायाधीश एवं समस्त न्यायाधीशगण उच्च न्यायालय बिलासपुर, परिवार, न्यायिक अधिकारीगण, सहयोगियों, अधिवक्ताओं एवं न्यायालय परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अपने कार्यकाल के अनुभव साझा किए।
यह उल्लेखनीय है कि माननीय श्रीमती न्यायमूर्ति रजनी दुबे का जन्म 30 जून, 1964 को जबलपुर (मध्यप्रदेश) में हुआ। माननीय श्रीमती न्यायमूर्ति रजनी दुबे ने मंडला से स्नातक और रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर से एलएल. बी. की डिग्री प्राप्त की तथा वर्ष 1987 में मध्य प्रदेश राज्य बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकृत होकर मई 1990 तक जिला अदालत और मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में वकालत की। वर्ष 1990 में सिविल जज के रूप में चयनित होने के बाद मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के अधीनस्थ न्यायालयों में विभिन्न पदों पर सेवाएं दीं। इस दौरान उन्होंने सागर, जबलपुर और बिलासपुर में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, किशोर न्याय बोर्ड की प्रधान मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रहीं।