बिलासपुर // उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि खेल का मैदान केवल खिलाड़ी तैयार नहीं करता, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और टीम भावना भी विकसित करता है। जीत और हार खेल का हिस्सा हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण है खेलना और अपनी प्रतिभा को निखारना। श्री साव आज गुरु घासीदास विश्वविद्यालय के नवनिर्मित स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित पूर्व क्षेत्र अंतर विश्वविद्यालय महिला कबड्डी प्रतियोगिता 2026-27 के समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल ने की।
उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश ‘जो खेलेगा, वो खिलेगा’ का उल्लेख करते हुए खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया के माध्यम से खेल सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और आयोजन समिति को प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा, योग एवं खेल विज्ञान विभाग द्वारा 6 से 9 अक्टूबर तक आयोजित इस चार दिवसीय प्रतियोगिता में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर दूसरे, सी. वी. रमन विश्वविद्यालय, कोटा, बिलासपुर तीसरे तथा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर चौथे स्थान पर रहे। अतिथियों ने विजेता टीमों को ट्रॉफी और पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया।
कुलपति प्रो. आलोक कुमार चक्रवाल ने कहा कि ऐसे आयोजन युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा और मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। विश्वविद्यालय में विभिन्न खेलों के लिए अधोसंरचना विकसित की जा रही है, जिससे आने वाले समय में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को तैयार करने में मदद मिलेगी।
समारोह में सौराष्ट्र विश्वविद्यालय, राजकोट की पूर्व कुलपति प्रो. नीलांबरी दवे, भारतीय विश्वविद्यालय संघ की अतिरिक्त सचिव श्रीमती ममता रानी अग्रवाल, ऑब्जर्वर श्री प्रशांत राय तथा एशियन गेम्स में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुकीं कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
आयोजन समिति के सचिव प्रो. रत्नेश सिंह ने स्वागत उद्बोधन के साथ प्रतियोगिता का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कुलसचिव प्रो. अश्विनी कुमार दीक्षित ने आभार व्यक्त किया तथा डॉ. एम.एस. धपोला ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।