• Sun. Apr 5th, 2026

महतारी वंदन योजना से मिली उम्मीद की नई किरण

बिलासपुर // बिलासपुर मुख्यालय से लगभग 25 किमी दूर मस्तूरी ब्लॉक का गांव वेद परसदा, जहां साहिन बाई साहू अपने पति और  दिव्यांग बच्चे के साथ बमुश्किल गुजर-बसर कर रही थीं। उनके पति अर्जुन साहू विगत 15 सालों से चल-फिर पाने में असमर्थ हैं। पैरालिसिस के चलते वे काम नहीं कर पाते हैं। उनका 24 वर्षीय पुत्र पैदायशी बोल पाने में असमर्थ हैं। साहिन पर मानों मुसीबतों का पहाड़ ही टूट पड़ा। मुफलिसी के इस दौर में महतारी वंदन योजना ने उम्मीद की एक किरण दी ।

रूंधे गले से साहिन बाई साहू ने बताया कि महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि से पति का हर माह इलाज करवाती हैं। घर के राशन में भी  मदद मिल जाती है। साहिन ने बताया कि उनके पास आधा एकड़ खेत है। पहले उसी से गुजारा चलता था लेकिन इलाज के लिए पैसों की किल्लत हो जाती थी और राशन का सामान लेना भी मुश्किल हो जाता था। उनके पति ने बताया कि उन्हें सरकार द्वारा खाद्यान्न सहायता के तहत 35 किलो चावल हर माह मिलता है। महतारी वंदन योजना से हर माह मिलने वाली राशि उनके लिए बहुत बड़ा सहारा है। छत्तीसगढ़ की परंपरा रही है कि यहां बेटियों को अगाध स्नेह और सम्मान दिया जाता है। बेटियों का हर घर में विशेष स्थान होता है। तीज-त्यौहारों में बेटियों और बहनों को स्नेह से भेंट और राशि दी जाती है। महतारी वंदन योजना लागू होने से महिलाओं के विश्वास की जीत हुई है।

राजेन्द्र कश्यप

Related Post

भोपाल-पचमढ़ी में बिम्सटेक युवा कार्यक्रम का सफल आयोजन युवाओं को मिला सांस्कृतिक विरासत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश
लोक निर्माण विभाग के लिए ऐतिहासिक रहा बीता वित्तीय वर्ष सड़क नेटवर्क का सशक्त जाल बिछाने पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रहे – उप मुख्यमंत्री अरुण साव
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का आयोजन जनजातीय प्रतिभाओं के लिए ऐतिहासिक और यादगार मंच – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जनजातीय प्रतिभाओं को मिला राष्ट्रीय मंच, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स बना नए अवसरों का द्वार – उप मुख्यमंत्री अरुण साव

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed