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छत्तीसगढ़ कलमकार मंच की काव्य-गोष्ठी में 4 पुस्तकों का विमोचन सम्पन्न

बिलासपुर :— 13 जुलाई 2025 को कानन पेंडारी जूलॉजिकल पार्क बिलासपुर में राष्ट्रीय सेवा रत्न सम्मान एवं राष्ट्रीय प्रतिष्ठा पुरस्कार प्राप्त समिति- छत्तीसगढ़ कलमकार मंच मस्तूरी के तत्वावधान में पुस्तक विमोचन एवं काव्य-गोष्ठी का सुव्यवस्थित एवं सफल आयोजन सम्पन्न हुआ। सर्वप्रथम कलमकारों की टीम द्वारा कानन पेंडारी जंगल सफारी का भ्रमण किया गया।

 

प्राकृतिक सुषमा से परिपूर्ण कानन में सेड के नीचे जहॉं पर्याप्त संख्या में कुर्सियाँ लगी हुई थीं, वहाँ पर काव्य-गोष्ठी, पुस्तक विमोचन और सम्मान समारोह का कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम के उद्घोषक की कमान सम्हालते हुए नवागढ़-बेमेतरा से पधारे विख्यात गायक- कवि जुगेश बंजारे धीरज द्वारा सर्वप्रथम बिलासपुर, रायपुर, बेमेतरा, मुंगेली इत्यादि जिलों से पधारे हुए कलमकारों का पुष्प माला पहनाकर सम्मान कराया गया। तत्पश्चात सभी कलमकारों एवं दर्शकगणों को ससम्मान भारतीय संविधान की प्रस्तावना का वाचन कराया गया।

 

इसके पश्चात करतल ध्वनि के बीच चार पुस्तकों का विमोचन किया गया। सर्वप्रथम डॉ. किशन टण्डन क्रान्ति द्वारा सम्पादित एवं श्री सुरजीत द्वारा संकलित पुस्तक- “शब्द-संसार” राष्ट्रीय साझा काव्य संग्रह का विमोचन हुआ। इस पुस्तक में 48 कलमकारों के जीवन परिचय एवं उनकी श्रेष्ठ रचनाओं का संकलन हैं। तत्पश्चात डॉ. किशन की 61वीं कृति- “बस्तर की ओर” यात्रा-संस्मरण का विमोचन सम्पन्न हुआ, जो 209 पृष्ठ की पुस्तक है। इसके बाद उनकी 62वीं कृति- “पगडण्डी” काव्य-संग्रह 155 पृष्ठ और 63वीं कृति- “सत् श्वेत सतनाम” का लोकार्पण सम्पन्न हुआ।

 

कार्यक्रम को गति देते हुए छत्तीसगढ़ कलमकार मंच के संस्थापक-अध्यक्ष डॉ. किशन टण्डन क्रान्ति ने उपस्थित कलमकारों का अभिनन्दन करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों पर सारगर्भित प्रकाश डाला। उन्होंने साझा संकलन में शामिल कलमकारों को बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कलमकार मंच के तत्वावधान में आज चार पुस्तकों – शब्द-संसार, बस्तर की ओर, पगडण्डी तथा सत् श्वेत सतनाम का विमोचन सम्पन्न हुआ है। इसे मिलाकर मंच के बेनर तले विमोचित पुस्तकों की संख्या 58 हो गई है, जो किसी भी साहित्यिक समिति द्वारा तीन वर्ष के अन्दर विमोचित पुस्तकों के मामले में एक नया कीर्तिमान है।

 

इसके अलावा आज 48 साहित्यकारों को “साहित्य शब्दांजलि सम्मान 2025” का सम्मानपत्र एवं मेडल प्रदान किये जाएंगे। इसे मिलाकर छत्तीसगढ़ कलमकार मंच द्वारा सम्मानित होने वाले कलमकारों की संख्या 1114 हो जाएगी। यह हमारे लिए अत्यन्त गौरव का विषय है।

 

इसके पश्चात उपस्थित कवियों द्वारा अपनी मनभावन रचनाओं की प्रस्तुति दी गई। मंच तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा। कानन पेंडारी के भ्रमण में आए लोग राह से गुजरते समय काव्य पाठ के दौरान वहाँ रुककर आनन्द लेते रहे। बारी-बारी से काव्य पाठ पूर्ण होने पर साहित्यकारों को मेडल पहनाकर सम्मानपत्र एवं पुस्तकें प्रदान की गईं।

 

कार्यक्रम के दौरान बिलासपुर, रायपुर, बेमेतरा, बलौदाबाजार, कोरबा, जांजगीर सहित कुल 7 जिलों के साहित्यकार उपस्थित रहे। इनमें संरक्षक डॉ. गोवर्धन मार्शल, उपाध्यक्ष जुगेश बंजारे धीरज, डॉ. गुलाबचंद कुसुम, कार्तिक पुराण घृतलहरे, श्री राजेन्द्र कश्यप, डॉ. प्यारेलाल आदिले, श्रीमती कृष्णा मानसी, श्रीमती लक्ष्मी डहरिया, सुश्री श्वेता डहरिया, श्रीमती सुरजा खाण्डे ‘तनया’, सचिव नवीन कुमार कुर्रे, प्रचार सचिव मणिशंकर दिवाकर ‘गदगद’, संयुक्त सचिव सुरजीत क्रान्ति, चतुर सिंह चंचल, गणेश महन्त नवलपुरिहा, रमेश कुमार रसिय्यार, पण्डित कुँवर दास डहरिया, विनोद जांगड़े, अश्वनी पात्रे, हिराऊ जांगड़े, इत्यादि साहित्यकार शामिल हैं। कार्यक्रम का सफल एवं प्रभावी संचालन जुगेश बंजारे धीरज द्वारा किया गया। अन्त में आभार प्रदर्शन पश्चात कार्यक्रम समापन की घोषणा की गई।

राजेन्द्र कश्यप

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