• Fri. Apr 3rd, 2026

पेंशनर्स के स्वाभिमान का प्रतीक पेंशनर दिवस 17 दिसम्बर को भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ द्वारा मनाया गया

बिलासपुर :— 17 दिसम्बर 25 को रीति रिवाज वेंकट हॉल सरकंडा बिलासपुर में 3बजे दोपहर पेंशनर दिवस मनाया गया सर्वप्रथम डी एस नाकारा जी की फोटो में माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की गई वरिष्ठ सदस्य डॉ अवधेश सिंह एवं सुश्री उषा जायसवाल का शॉल श्रीफल से अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम की पृष्ठभूमि का प्रतिवेदन और पेंशनर दिवस के महत्व के बारे मे श्री राजेन्द्र कश्यप संभागीय अध्यक्ष द्वारा वाचन किया गया तथा बताया गया

 

भारत मे पेंशन प्रणाली 1857 के स्वतंत्रता संग्राम के बाद ब्रिटिश सरकार द्वारा पेश की गई जिसे इंडियन पेंशन एक्ट 1871 के द्वारा अंतिम रूप दिया गया ।पेंशन एक मुआवजा के रूप में दी जाती थी । लेकिन 1 जनवरी 1922 से प्रभावी होने वाले इस नियम को मौलिक नियमो में शामिल नही किया गया जिससे यह अपना असली रूप नही ले सका और न ही इसका सही लाभ मिल सका ।

 

रक्षा मंत्रालय में वितीय सलाहकार डी एस नकारा सितम्बर 1972 में रिटायर हुए, उन्हें भी अन्य पेंशनरधारियों की तरह पेंशन प्राप्त करने की समस्या का सामना करना पड़ा और इसलिए उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की । एक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद *17 दिसम्बर 1982* को माननीय न्याय मूर्ति यशवन्त चंद्रचूड़ ने एक ऐतिहासिक फैसला दिया ओर उन्होंने अपने फैसले में कहा …. *पेंशन न तो उपहार है ओर ना ही इनाम । पेंशन एक सेवानिवृत्त कर्मचारी का अधिकार है”* जिसने देश व सरकार की लंबे समय तक सेवा की थी और सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए बाध्य है कि उसके कर्मचारी रिटायरमेंट के बाद एक शांतिपूर्ण ओर सम्मानजनक जीवन जिये ।”*

 

उसके बाद राष्ट्रीय स्तर पर वेतन आयोग गठित किया और पेंशन का प्रावधान किया गया.

 

देश का पेंशनर संगठन माननीय सर्वोच्च न्यायालय फैसले के बाद इसे अपने स्वाभिमान दिवस के रूप में *पेंशनर दिवस* के नाम से मनाने लगा ।

 

उत्तर प्रदेश शासन नें पेंशनर संगठनों की एकता और पुरजोर आवाज के दृष्टिगत पेंशनर दिवस को प्रादेशिक दिवस का महत्व बताते हुए शासकीय व्यय से सभी जिले ,तहसील ,विकास खण्डों में इस दिवस को मनाने हेतु सभी अधिकारियों को निर्देश दिया हुआ है

 

छत्तीसगढ़ में भी हम सभी पेंशनर संगठनों को एकजुट होकर सरकार के ध्यान में लाना होगा कि पेंशनर दिवस को शासकीय दिवस घोषित करते हुए शासकीय व्यय से सभी अधिकारियों को सभी जनपद ,तहसील व जिला में मनाने हेतु निर्देश जारी करें तभी इस कार्यक्रम की सार्थकता सिद्ध होगी

 

कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ श्री हेमंत आदित्य, सुश्री शकुन्तला साहू,साईबर सेल , श्री तिलकेश भावे संयुक्त संचालक समाज कल्याण एवं श्री जे एन सिंह कोष एवं लेखा ने अपने विभाग की पेंशनर्स से संबंधित जानकारी दी उपस्थित अतिथि वक्ताओं का फूल माला से स्वागत किया गया। श्रीमती सुषमा नामदेव सदस्य द्वारा पेंशनर दिवस पर अपने विचार व्यक्त किया।दो नए सदस्य श्रीमती लक्ष्मी सारथी एवं जय श्री नामदेव ने संघ की आजीवन सदस्यता ग्रहण करने पर अभिनंदन किया गया।अंत में राकेश जैन अध्यक्ष ने आभार व्यक्त करते हुए सभी पेंशनर्स को 17 दिसम्बर, *पेंशनर दिवस* पर *बधाई* व हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कार्यक्रम समापन की घोंषणा की गई

राजेन्द्र कश्यप

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed