बिलासपुर :— जुलाई के पहले सप्ताह में अच्छी शुरुआत करने वाला मानसून दूसरे सप्ताह में अचानक धीमा पड़ गया है। शुक्रवार-शनिवार को जिले की किसी भी तहसील में एक बूंद भी वर्षा दर्ज नहीं हुई। इससे खेती-किसानी की चिंता बढ़ने लगी है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि प्रशांत महासागर में बन रहे मौसमी तंत्र यदि बंगाल की खाड़ी तक पहुंचते हैं तो 18 से 25 जुलाई के बीच मानसून फिर सक्रिय होकर अच्छी वर्षा करा सकता है।
जिले में शनिवार को सभी 12 तहसीलों में शून्य मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। एक जून से अब तक जिले में 2665 मिलीमीटर संचयी वर्षा रिकार्ड की गई है, जबकि जिले की औसत संचयी वर्षा 222.1 मिलीमीटर है। पिछले 10 वर्षों की तुलना में इस अवधि में औसत वर्षा 295.7 मिलीमीटर रही है। इस लिहाज से जिले में अब तक सामान्य से केवल 75.1 प्रतिशत वर्षा ही दर्ज हो सकी है। तहसीलों की बात करें तो बोदरी में सामान्य के मुकाबले सबसे बेहतर 93.8 प्रतिशत वर्षा दर्ज हुई हैतखतपुर 86.8 प्रतिशत और पचपेड़ी 88 प्रतिशत के साथ बेहतर स्थिति में हैं। दूसरी ओर बेलतरा में केवल 53.8 प्रतिशत, रतनपुर में 60.6 प्रतिशत तथा कोटा में 63.5 प्रतिशत वर्षा दर्ज हुई है, जो चिंता का विषय है। बिलासपुर तहसील में अब तक 232.9 मिलीमीटर वर्षा हुई है, जो सामान्य का 74.4 प्रतिशत है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान में देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून कमजोर पड़ा है। इसकी वजह सक्रिय मौसमी तंत्र का अभाव है। हालांकि प्रशांत महासागर में बन रहे मौसमी तंत्र यदि बंगाल की खाड़ी तक पहुंचते हैं तो 18 से 25 जुलाई के बीच मानसून दोबारा सक्रिय होकर प्रदेश सहित बिलासपुर जिले में अच्छी वर्षा करा सकता है। इससे किसानों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
दो दिनों की खामोशी ने बढ़ाई किसानों की चिंता
जिले में लगातार शुक्रवार और शनिवार को किसी भी तहसील में वर्षा दर्ज नहीं हुई। जुलाई के पहले सप्ताह में लगातार वर्षा होने से खेतों में पर्याप्त नमी बन गई थी, लेकिन दूसरे सप्ताह में मानसून की रफ्तार थमने से किसान अब अगली अच्छी वर्षा का इंतजार कर रहे हैं। यदि यह स्थिति लंबी चली तो रोपाई और बुवाई प्रभावित हो सकती है।