बिलासपुर :- भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव अपने बिलासपुर और सरगुजा संभाग के संगठनात्मक दौरा में आज बिलासपुर पहुंचे । इस अवसर पर बिलासपुर में उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 को तत्काल विलोपित कर मध्यप्रदेश से आर्थिक भुगतान के लिए सहमति की बाध्यता को दूर करने की मांग की। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान मोदी की गारंटी के तहत वादा किया गया था कि राज्य में भाजपा की सरकार आने पर कर्मचारीयों और पेंशनरों को केंद्र के समान केन्द्र के देय तिथि से एरियर सहित डीए डीआर दिया जाएगा परंतु भाजपा सरकार के सत्तारूढ़ होने के बाद मोदी के गारंटी को भूल गई है। एरियर हजम कर रही है। उन्होंने सरकार से तत्काल धारा 49 को विलोपित करने और 3% प्रतिशत डीआर एरियर सहित भुगतान करने की मांग की है।
इस अवसर पर प्रांतीय पदाधिकारी अनिल गोलहानी, टी पी सिंह, बी एस दसमेर,अनिल पाठक, बिलासपुर संभाग के अध्यक्ष दिनेश उपाध्याय, अध्यक्ष राकेश जैन, जिले के अन्य पदाधिकारी क्रमशः राजेन्द्र कश्यप, राघवेंद्र तिवारी, अचल बाजपेई, कुंती राणा, सुरेंद्र कुशवाहा आदि से पेंशनरो की प्रमुख समस्याओं क्रमशः पेंशनरों की सारांशीकरण राशि की कटौती की अवधि कम करने, 65 वर्ष की आयु से अतिरिक्त पेंशन देने, दैनिक वेतनभोगी की संपूर्ण सेवाकाल को पेंशन गणना में शामिल करने, रेल यात्रा में छूट को पुनः बहाल करने, पेंशनरों को मृत्यु पर एग्रेसिया देने,आयकर से मुक्त करने, भारत भ्रमण की सुविधा देने, राज्य में बस यात्रा में छूट के आदेश का परिपालन करने,कैशलेश मेडिकल की सुविधा देने आदि विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।