बिलासपुर :— भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के आव्हान पर 5 सूत्रीय मांगों को लेकर आज 15 मई को जिला मुख्यालय बिलासपुर में मुख्यमंत्री और मुख्यसचिव के नाम ज्ञापन दिया गया।
जारी विज्ञप्ति में 5 सूत्रीय मांगो के बारे में बताया गया है कि मध्यप्रदेश राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49(6) को विलोपित करने, विधानसभा में शासकीय संकल्प पारित कर छत्तीसगढ़ सरकार का 2000 करोड़ से अधिक राशि का सालाना आर्थिक नुकसान को रोकने,केन्द्र के देय तिथि और दर पर मोदी की गारंटी के तहत पेंशनरों और परिवार पेंशनरों को एरियर सहित डीआर देने का निर्णय कैबिनेट से पारित करने,भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के मांग पर पेंशन एवं भविष्य निधि संचालनालय के स्थापना के बाद अब संयुक्त संचालक पेंशन और जिला पेंशन कार्यालय की तत्काल स्थापना करने,कैशलेश मेडिकल सुविधा का लाभ सभी सरकारी अस्पतालों के साथ सरकारी कर्मचारियों की भांति राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सभी निजी अस्पतालों में भी सुविधा देने के आदेश जारी करने और सेवानिवृत नियमित दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का संपूर्ण सेवाकाल को पेंशन अवधि के लिए गणना में लिए जाने एवं उन्हें भी अन्य सेवानिवृत कर्मचारियों की भांति सभी आर्थिक लाभ दिए जाने की मांग शासन से की गई है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश जिला कोरबा के प्रतिनिधिमंडल में जिला बिलासपुर के अध्यक्ष राकेश जैन के साथ राजेन्द्र कश्यप उपाध्यक्ष, श्रीमती कुन्ती राणा संभागीय अध्यक्ष, राघवेंद्र तिवारी कोषाध्यक्ष, जे पी शुक्ला, अरविन्द सोनी, एम एल पाल,आर पी यादव, सत्येन्द्र द्विवेदी, एस के वर्मा, एल के कौशिक आदि शामिल रहे।