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जनता की मांग: साफ-सफाई, जलनिकासी और जवाबदेही जरूरी

बिलासपुर 27 जुलाई 2025:— छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के वार्ड नंबर 51 स्थित तुलसी आवास में गंदे पानी के जमाव की समस्या बरकरार है। स्थानीय निवासियों की शिकायतों के बाद प्रिंट मीडिया और वेब पोर्टल्स पर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था, जिसके बाद नगर निगम ने कुछ सफाई कर्मचारियों को मौके पर भेजा। लेकिन, सफाई कार्य महज खानापूर्ति साबित हुआ, और स्थिति जस की तस है। गंदे पानी के कारण क्षेत्र में दुर्गंध फैली हुई है, और आवागमन में भारी परेशानी हो रही है।

 

निवासियों ने कहा कि बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बारिश में स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। निवासियों ने बताया कि सफाई कर्मचारी आए, थोड़ा कीचड़ हटाया एक छोटा सा गड्ढा खोदे और चले गए, लेकिन रोड की सफाई नहीं हुई। इससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, और बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है।

 

इस मुद्दे पर शासन-प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और विपक्षी दलों का ध्यान आकृष्ट किया गया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। निवासियों का कहना है कि सत्ताधारी दल इस समस्या को गंभीरता से नहीं ले रहा। वहीं, विपक्षी दलों की चुप्पी भी सवाल खड़े करती है। निवासियों ने कहा कि विपक्ष कुछ मुद्दों पर धरना-प्रदर्शन करता है, लेकिन तुलसी आवास जैसे ज्वलंत मुद्दों पर उनकी सक्रियता नहीं दिखती। उनका मानना है कि सत्ता और विपक्ष की खामोशी आपसी साठगांठ की ओर इशारा करती है।

 

नगर निगम कार्यालय से संपर्क करने पर कोई ठोस जवाब नहीं मिला और न ही कमीश्नर साहब फोन उठाते। निवासियों का कहना है कि यह सब प्रशासन की उदासीनता है लापरवाही है।

 

निवासियों ने अब स्वयं संगठित होकर इस मुद्दे को दोबारा जोर-शोर से उठाने का फैसला किया है। वे जल्द ही सामूहिक आवेदन तैयार कर कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को सौंपने की योजना बना रहे हैं। साथ ही, सोशल मीडिया के माध्यम से इस समस्या को व्यापक रूप से प्रचारित करने की तैयारी है।

 

**जनता की मांग**: निवासियों ने मांग की है कि नालियों की नियमित सफाई, जलनिकासी की उचित व्यवस्था और सड़कों की मरम्मत तत्काल की जाए। वे चाहते हैं कि जनप्रतिनिधि और प्रशासन जवाबदेही दिखाएं।

 

यदि शीघ्र कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो तुलसी आवास के निवासी आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। सवाल यह है कि क्या प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस बार जनता की पुकार सुनेंगे, या यह मु्दा लीपापोती तक ही सिमट जाएगा।

राजेन्द्र कश्यप

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