बिलासपुर :— देवकीनन्दन स्कूल के सामने स्थित रज्जू होटल से बाहर सड़क पर निकलते ही एक व्दिव्यांग हाथ जोड़कर छत्तीसगढ़ प्रखर पत्रकार महासंघ के महासचिव श्री पंकज खण्डेलवाल और कार्यकारी अध्यक्ष श्री उमाकांत मिश्रा के सामने हाथ जोड़कर निवेदन करते हुए ट्रायसिकल की मांग करने लगा,
पूछने पर उसने जो बताया उन्हीं की जुबानी सुनते हैं
मेरा नाम राम बिहारी दुबे है मेरे पिता का नाम श्री बद्रीनारायण दुबे है मैं ग्राम उड़तूम (लगरा)का निवासी हूं 12वीफेल हूं मैं सन 1984में बिलासपुर काम की तलाश में आ गया तथा मेडिकल स्टोर व अन्य जगहों पर कार्य किया सन् 1989में मेरा विवाह
तखतपुर के पास ग्राम पोड़ी में हो गया ,मैं अपने धर्मपत्नी को अपने निवास ग्राम उड़तूम में रखकर काम करने बिलासपुर आ गया मैं काम करके समय समय पर अपंने परिवार (धर्म पत्नि)के पास उड़तूम से बिलासपुर आता जाता रहा,हम दोनों से एक पुत्र की प्राप्ति हुई 1992तक सब ठीक-ठाक चला उसके बाद मेरी पत्नी मेरे साथ दुर्व्यवहार करने लगी और 1994-95में बच्चे को लेकर अपने मायके ग्राम पोड़ी तखतपुर चली गई ,जब उन्हे लाने गया तो वापस आने और बच्चा देने से भी इंकार कर दी
मैं हारकर बिलासपुर वापस आ गया और अपना काम करने लग गया 27जनवरी सन् 2025को मेरा एक्सीडेंट हो गया और दोनों पैर काम करना बंद कर दिया मैं मांगकर खाने के लिए मजबूर हो गया,यदि मुझे ट्रायसिकल मिल जाएगा तो मेरी परेशानी दूर हो जाएगी और मैं कुछ कर पाऊंगा
पंकज खण्डेलवाल और उमाकांत मिश्रा के विशेष प्रयास से कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता माननीय श्री अनिल टाह से पहल किया गया श्री टाह ने व्यक्तिगत दान स्वरुप ट्रायसिकल दिया
व्दिव्यांग श्री रामबिहारी दुबे ने माननीय श्री अनिल टाह ,श्री पंकज खण्डेलवाल और श्री उमाकांत मिश्रा को हृदय से धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया
इस अवसर पर प्रखर पत्रकार महासंघ के अध्यक्ष ने संघ के दोनों साथियों श्री खण्डेलवाल और श्री मिश्रा जी को भी ऐसे पुनित कार्य के लिए धन्यवाद ज्ञापित करते हुए संघ के सभी साथियों से अनुरोध किया कि समाज के ऐसे बेबस कमजोर गरीब व जरुरत मंद लोगों को सहायता पहुंचाने का आग्रह किया है