बिलासपुर :— बिलासपुर संभाग में लगातार हो रही भारी बारिश के बाद अरपा भैंसाझार परियोजना और खारंग (खूंटाघाट) जलाशय में जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। अरपा भैंसाझार से लगातार नदी में पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे तटीय इलाकों में नजर रखी जा रही है। वहीं खूंटाघाट जलाशय में वर्तमान जल भराव क्षमता 81 फीसदी से अधिक पहुंच चुकी है।
इस मनमोहक और विहंगम दृश्य को अपनी आंखों में कैद करने और कैमरे में तस्वीरें खींचने के लिए बिलासपुर शहर सहित आसपास के अंचलों से भारी संख्या में लोग और प्रकृति प्रेमी बांधों पर पहुंच रहे हैं।
क्षेत्र में मानसून की सक्रियता के कारण दोनों प्रमुख जलाशयों में पानी की आवक तेजी से बढ़ रही है। अरपा भैंसाझार परियोजना में शाम 7:30 बजे तक वर्तमान जल स्तर 299.20 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि इसका पूर्ण जल भराव स्तर 302.00 मीटर है। जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए बांध से अरपा नदी में 111.50 घन मीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट की स्थिति है।
दूसरी ओर, खारंग (खूंटाघाट) जलाशय के कैचमेंट एरिया में बीते 24 घंटों के दौरान 60 मिलीमीटर भारी बारिश दर्ज की गई है, जिससे अब तक की कुल अद्यतन वर्षा 640 मिलीमीटर पहुंच गई है। खूंटाघाट का पूर्ण जल भराव स्तर 294.03 मीटर है, जिसके मुकाबले आज का जल स्तर 293.03 मीटर तक पहुंच गया है। जलाशय की अधिकतम जल भराव क्षमता 192.32 मिलियन घन मीटर है, जिसमें से आज 156.27 मिलियन घन मीटर जल भराव हो चुका है। विभागीय सूत्रों के अनुसार जल भराव का यह प्रतिशत 81.25 तक पहुंच गया है। सुरक्षा के मद्देनजर दायीं तट नहर से फिलहाल 15 क्यूसेक पानी का प्रवाह किया जा रहा है, जबकि बायीं तट नहर और वेस्ट वियर को अभी बंद रखा गया है।
खूटाघाट जलाशय के पिछले वर्षों के आंकड़े
खारंग जलाशय में पिछले साल की तुलना में इस बार कम पानी है। बीते वर्ष 18 जुलाई 2025 को बांध में 195.80 मिलियन घन मीटर (101.80%) जल भराव था और वेस्ट वियर चल रहा था। वहीं, दो साल पहले 18 जुलाई 2024 को यहां महज 120.95 मिलियन घन मीटर (62.88%) पानी ही जमा हो सका था।
अरपा तट पर बसे 11 गांवों में डूब का खतरा
भैंसाझार परियोजना से लगातार पानी छोड़े जाने के कारण अरपा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन के मुताबिक, नदी के बढ़ते जलस्तर से बिलासपुर शहर सहित तटीय क्षेत्र के 11 गांव डूबान क्षेत्र की जद में आ सकते हैं। सुरक्षा के मद्देनजर इन सभी चिन्हित संवेदनशील इलाकों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।