बिलासपुर :— महापौर परिषद (MIC) की बैठक में विधिवत प्रस्ताव पारित होने के बावजूद छत्तीसगढ़ प्रखर पत्रकार महासंघ को राघवेंद्र राव सभा भवन में 11 माह के लिए अस्थायी कक्ष आवंटित नहीं किए जाने का मामला अब कलेक्टर के दरबार तक पहुंच गया है। महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर संजय अग्रवाल से मुलाकात कर पूरे मामले की जानकारी देते हुए MIC के पारित प्रस्ताव पर तत्काल अमल कराने की मांग की।
महासंघ का कहना है कि 24 जुलाई 2026 को आयोजित MIC की बैठक में निर्धारित प्रक्रिया के तहत महासंघ को राघवेंद्र राव सभा भवन में 11 माह के लिए अस्थायी कक्ष उपलब्ध कराने का प्रस्ताव पारित किया गया था। प्रस्ताव पारित होने के बाद संगठन को उम्मीद थी कि अब नियमानुसार आवंटन की कार्रवाई पूरी होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
महासंघ के पदाधिकारियों के अनुसार नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे ने मौखिक रूप से बताया कि फिलहाल कक्ष आवंटन नहीं किया जा रहा है, क्योंकि एक अन्य पत्रकार संगठन की ओर से आपत्ति दर्ज कराई गई है। इसी बात को लेकर महासंघ ने सवाल उठाया है कि जब सक्षम निकाय द्वारा विधिवत प्रस्ताव पारित हो चुका है, तो केवल किसी अन्य संगठन की आपत्ति के आधार पर उसके क्रियान्वयन को क्यों रोका जा रहा है?
“हम किसी के खिलाफ नहीं, अपने अधिकार की प्रक्रिया पूरी कराने आए हैं”
महासंघ ने कलेक्टर के समक्ष स्पष्ट किया कि उसका उद्देश्य किसी अन्य पत्रकार संगठन के अधिकार अथवा हित को प्रभावित करना नहीं है। संगठन चाहता है कि MIC द्वारा पारित प्रस्ताव का नियमानुसार, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से क्रियान्वयन हो।
कलेक्टर का आश्वासन—“गलत नहीं होने दिया जाएगा”
मामले को गंभीरता से सुनने के बाद कलेक्टर संजय अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि “आप लोगों के साथ गलत नहीं होने दिया जाएगा।” कलेक्टर के इस आश्वासन के बाद महासंघ ने उम्मीद जताई है कि MIC में पारित प्रस्ताव के अनुरूप अब कक्ष आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
प्रेस क्लब भी महासंघ के समर्थन में
इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी सामने आया कि प्रेस क्लब के सचिव संदीप करिहर ने छत्तीसगढ़ प्रखर पत्रकार महासंघ के समर्थन में नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे से टेलीफोनिक चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि महासंघ को कक्ष आवंटित किए जाने पर प्रेस क्लब को कोई आपत्ति नहीं है।
इस समर्थन के बाद अब यह सवाल और महत्वपूर्ण हो गया है कि जब एक ओर MIC में प्रस्ताव पारित है और दूसरी ओर प्रेस क्लब की ओर से भी कक्ष आवंटन पर आपत्ति नहीं होने की बात कही जा रही है, तो आखिर वह कौन-सी आपत्ति है जिसके आधार पर आवंटन की प्रक्रिया अभी तक आगे नहीं बढ़ी?
महासंघ का कहना है कि पत्रकार संगठनों के बीच किसी प्रकार का विवाद खड़ा करना उसका उद्देश्य नहीं है। संगठन केवल इतना चाहता है कि नगर निगम की सक्षम संस्था द्वारा पारित निर्णय को प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत लागू किया जाए।
प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष विनय मिश्रा, प्रदेश महासचिव पंकज खंडेलवाल, कार्यकारी अध्यक्ष उमाकांत मिश्रा, प्रदेश सचिव सुधीर तिवारी तथा प्रदेश पदाधिकारी अजय द्विवेदी उपस्थित रहे।